Dr. Laxmikant Panda
डॉ. लकà¥à¤·à¥à¤®à¥€à¤•ांत पणà¥à¤¡à¤¾ का जनà¥à¤® -10 नवमà¥à¤¬à¤° 1982 को सरायपाली जिला-महासमà¥à¤‚द (छ.ग.) के गà¥à¤°à¤¾à¤® बिरकोल में हà¥à¤† है । आप सà¥à¤µ. पदà¥à¤®à¤¨ पणà¥à¤¡à¤¾ के पौतà¥à¤° और से.नि. शिकà¥à¤·à¤• शà¥à¤°à¥€ ऋषिराज पणà¥à¤¡à¤¾ के सà¥à¤ªà¥à¤¤à¥à¤° हैं । वरà¥à¤¤à¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में आप विकास विहार कालोनी रायपà¥à¤° छतà¥à¤¤à¥€à¤¸à¤—ॠमें निवासरत है और शहर के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ कांगेर वैली अकादमी में हिनà¥à¤¦à¥€-संसà¥à¤•ृत के वरिषà¥à¤ अधà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• हैं ।
पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• शिकà¥à¤·à¤¾ शिकà¥à¤·à¤¾ गाà¤à¤µ से होते हà¥à¤ बà¥à¤°à¤¹à¥à¤®à¤šà¤°à¥à¤¯ आशà¥à¤°à¤® गà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤² राजिम में संसà¥à¤•ृत पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥à¤¯ पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ से आपकी उचà¥à¤š माधà¥à¤¯à¤®à¤¿à¤• शिकà¥à¤·à¤¾ पूरी हà¥à¤ˆ । उचà¥à¤š शिकà¥à¤·à¤¾ पं.रविशंकर शà¥à¤•à¥à¤² वि.वि.रायपà¥à¤° के अंतरà¥à¤—त संसà¥à¤•ृत महाविदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ से à¤à¤®.à¤.कà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤¿à¤•à¥à¤¸ ( संसà¥à¤•ृतसाहितà¥à¤¯ ) और à¤à¤®.à¤. (हिनà¥à¤¦à¥€à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤à¥à¤¯) लेकर आपने सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¤•ोतà¥à¤¤à¤° शिकà¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ की है । इसी विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ से आपने आचारà¥à¤¯ à¤à¤°à¤¤ के नाटà¥à¤¯à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤° (संसà¥à¤•ृत) पर अपना शोधकारà¥à¤¯ किया और 2017 में आपको विदà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¾à¤°à¤¿à¤§à¤¿ ( पीà¤à¤š.डी.) की उपाधि मिली । विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ विषयों पर आपने राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ à¤à¤µà¤‚ अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ संगोषà¥à¤ ियों हिसà¥à¤¸à¤¾ लेकर अपनी पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥à¤¤à¤¿ दी है और आपके शोध आलेख पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤ ित पतà¥à¤°à¤¿à¤•ाओं में पà¥à¤°à¤•ाशित हैं । आप छतीसगॠमाधà¥à¤¯à¤®à¤¿à¤• शिकà¥à¤·à¤¾ मंडल और संसà¥à¤•ृत विदà¥à¤¯à¤¾à¤®à¤‚डल छ.ग.शासन में विषय विशेषजà¥à¤ž के रूप में अंशकालीन सेवाà¤à¤ देते आये हैं ।
संसà¥à¤•ृत और हिनà¥à¤¦à¥€ à¤à¤¾à¤·à¤¾ के शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• विकास और पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° आप सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ हैं । आपको संसà¥à¤•ृत à¤à¤¾à¤·à¤¾ के संवरà¥à¤§à¤¨ में निसà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¥ योगदान हेतॠछतà¥à¤¤à¥€à¤¸à¤—ॠशासन दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ “ऋषि-शà¥à¤°à¥ƒà¤‚ग-समà¥à¤®à¤¾à¤¨â€ (2017) हिनà¥à¤¦à¥€ à¤à¤¾à¤·à¤¾-शिकà¥à¤·à¤£ के नवाचार में विशेष योगदान हेतॠनई दिलà¥à¤²à¥€ में “शिकà¥à¤·à¤•-समà¥à¤®à¤¾à¤¨â€ (2024) आपकी शà¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ हिंदी कविताओं के लिठसाहितà¥à¤¯ सृजन संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ रायपà¥à¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ “शà¥à¤°à¥‡à¤·à¥à¤ रचनाकार समà¥à¤®à¤¾à¤¨â€ (2024) पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ है ।
आप नाटà¥à¤¯à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤° के अधà¥à¤¯à¥‡à¤¤à¤¾ हैं और सà¥à¤µà¤¯à¤‚ à¤à¤• रंगकरà¥à¤®à¥€ à¤à¥€ । आपने हिंदी-संसà¥à¤•ृत के अनेक नाटकों में अà¤à¤¿à¤¨à¤¯ किया है । विशेष रूप बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के नाटक और उनके पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤£ में आप सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रहते हैं आपके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ अनेक बाल नाटक / à¤à¤•ांकी / नà¥à¤•à¥à¤•ड़-नाटक लिखे और निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¤¿à¤¤ किठगठहैं ।
आप साहितà¥à¤¯ के विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥€ होने के साथ-साथ हिंदी-संसà¥à¤•ृत के अधà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• à¤à¥€ हैं और दोनों à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤“ं में बोलने, पà¥à¤¨à¥‡, लिखने पर विशेष अधिकार रखते हैं अतः सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• रूप से आप कविता,गीत,कहानी और पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤• लेखों के पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¥Œà¤¤à¤¾ हैं । नाटà¥à¤¯ कला पर आपके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ लिखित/संपादित दो गà¥à¤°à¤¨à¥à¤¥ पञà¥à¤šà¤®à¥‹ नाटà¥à¤¯ वेद: (संसà¥à¤•ृत) और नाटà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤•ाश (हिंदी) पà¥à¤°à¤•ाशन पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में हैं । विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ हेतॠलघà¥-नाटक,हिंदी/संसà¥à¤•ृत वà¥à¤¯à¤¾à¤•रण पर लेखन जारी है । आपकी लेखनी में तरà¥à¤£à¤¾à¤ˆ की उमंग, सातà¥à¤µà¤¿à¤• का पà¥à¤°à¥‡à¤®, समरà¥à¤ªà¤£, विरह वेदना, गà¥à¤°à¤¾à¤®-समाज का दारà¥à¤£ यथारà¥à¤¥, देश–पà¥à¤°à¥‡à¤®, नवयà¥à¤µà¤•ों का आहà¥à¤µà¤¾à¤¨ और कà¥à¤› नया करने का ज़जà¥à¤¬à¤¾ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ अनेक समसामयिक विषय आडमà¥à¤¬à¤°à¤¹à¥€à¤¨ और सहजता से à¤à¤²à¤•ते हैं । “अलà¥à¤ªà¤µà¤¿à¤°à¤¾à¤®â€ नामक यह कावà¥à¤¯ संगà¥à¤°à¤¹ डॉ. लकà¥à¤·à¥à¤®à¥€à¤•ांत की पà¥à¤°à¤¥à¤® पà¥à¤°à¤•ाशित कृति है ।