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आधी हक़ीकत-आधा फ़साना
By Hemant Jha
278.00
| SKU Code | Book2302233C |
| ISBN | 9788169683609 |
| Pages | 132 |
| Language | Hindi |
| Genre | Psychological Horror |
| Book Type | Paperback |
| Book Size | 5*8 |
| Published Date | 10 August, 2026 |
Synopsis
मानव की जिज्ञासा सदैव उन सीमाओं को पार करने का प्रयास करती रही है जहाँ तर्क की शक्ति क्षीण पड़ने लगती है और रहस्य अपना साम्राज्य स्थापित कर लेता है। जीवन और मृत्यु के मध्य स्थित अदृश्य संसार, आत्माओं की उपस्थिति, अनसुलझे संकेत, विचित्र संयोग तथा अलौकिक अनुभव सदियों से मानव मन को आकर्षित करते आए हैं। इन्हीं रहस्यों ने विभिन्न संस्कृतियों और पीढ़ियों में असंख्य किंवदंतियों, लोककथाओं और दंतकथाओं को जन्म दिया है। प्रस्तुत पुस्तक ऐसी ही घटनाओं, साझा अनुभवों, स्थानीय लोककथाओं, पारंपरिक मान्यताओं तथा मेरी अपनी रचनात्मक कल्पना से प्रेरित कहानियों का एक संग्रह है। इनमें से कुछ कथाएँ वास्तविक जीवन के अनुभवों पर आधारित हैं, कुछ स्मृतियों की धुंधली गलियों से उभरकर आई हैं, जबकि कुछ ने कल्पना के पंखों पर उड़ान भरी है। यथार्थ और कल्पना का यही सम्मिश्रण इन कहानियों की आधारशिला है। इन कथाओं का उद्देश्य किसी भी विश्वास, सिद्धांत या दृष्टिकोण को सिद्ध अथवा खंडित करना नहीं है। मेरा प्रयास केवल इतना है कि पाठकों को रहस्य, रोमांच, भावनाओं, भय, विस्मय और आत्मचिंतन से भरी एक ऐसी यात्रा पर ले जाया जाए, जहाँ प्रत्येक कहानी अपने पीछे कुछ ऐसे प्रश्न छोड़ जाए जिनके उत्तर सहजता से प्राप्त न हों। संभव है कि इन पृष्ठों के बीच आपको अपने ही किसी अनुभव की प्रतिध्वनि सुनाई दे, किसी भूली–बिसरी स्मृति की फुसफुसाहट महसूस हो, या फिर किसी ऐसे प्रश्न से सामना हो जाए जिसका उत्तर आज भी अनुत्तरित है। आपके हाथों में जो पुस्तक है, वह केवल कहानियों का एक संग्रह नहीं, बल्कि उस रहस्यमयी पुल पर चलने का एक विनम्र आमंत्रण है जो ज्ञात और अज्ञात के बीच फैला हुआ है—एक ऐसा पुल जिसे मानवता सदियों से पार करती चली आ रही है तो तैयार हो जाइए भावनाओं, रोमांच और रहस्य से भरपूर एक रोमांचक सफर के लिए।
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