Available
शकुंतला और अन्य कहानियाँ
299.00
| SKU Code | Book2302341C |
| ISBN | 9788169683920 |
| Pages | 184 |
| Language | Hindi |
| Genre | Contemporary Fiction |
| Book Type | Paperback |
| Book Size | 5*8 |
| Published Date | 07 August, 2026 |
Synopsis
"1940 के दशक में पंजाब के छेत्र में रची गयी ये कहानी, शकुंतला
और उसके परिवार के संघर्ष की कथा है। उन दिनों भारत वर्ष में हो
रहे दंगे और विवादों से जूझता एक परिवार जो शान्ति, अमन, और
व्यवसाय की तलाश में बम्बई जा पहुँचता है। बड़े संघर्षों के बाद जीवन
में खुशियां आने ही वाली थी की उनके सामने आ खड़ी होती है एक
त्रासदी। एक ऐसी त्रासदी जो सबके जीवन को उलट पुलट कर रख देती
है। एक ऐसी त्रासदी जो शकुंतला को गौहरजान के सम्मुख लाकर खड़ा
कर देती है। गौहरजान को शकुंतला बहुत पसंद है। वो उसे अपना शिष्य
बना लेती है। मगर क्यों? ये आत्मीयता इंसानियत से पनप रही है, या
इसके पीछे कोई और रहस्य है?
एक कलाकार के जीवन पर रची गयी कथा, जो उसके जीवन के संघर्षों
को सामने लाती है। एक ऐसी कथा, जो मनुष्य के भीतर छिपी अनेकों
भावनाओं को उजागर करती है। क्या गौहरजान, शकुंतला पर काबू पा
सकती है? क्या शकुंतला अपने भोलेपन को गौहरजान के चंगुल से बचा
पाएगी? क्या मासूम सी शकुंतला खुद को बम्बई के देहशतों से बचा
सकती है? संघर्ष और कठिनायों से जूझने वाली स्त्री एवं कलाकार के
जीवन पर आधारित एक मार्मिक कथा।"
और उसके परिवार के संघर्ष की कथा है। उन दिनों भारत वर्ष में हो
रहे दंगे और विवादों से जूझता एक परिवार जो शान्ति, अमन, और
व्यवसाय की तलाश में बम्बई जा पहुँचता है। बड़े संघर्षों के बाद जीवन
में खुशियां आने ही वाली थी की उनके सामने आ खड़ी होती है एक
त्रासदी। एक ऐसी त्रासदी जो सबके जीवन को उलट पुलट कर रख देती
है। एक ऐसी त्रासदी जो शकुंतला को गौहरजान के सम्मुख लाकर खड़ा
कर देती है। गौहरजान को शकुंतला बहुत पसंद है। वो उसे अपना शिष्य
बना लेती है। मगर क्यों? ये आत्मीयता इंसानियत से पनप रही है, या
इसके पीछे कोई और रहस्य है?
एक कलाकार के जीवन पर रची गयी कथा, जो उसके जीवन के संघर्षों
को सामने लाती है। एक ऐसी कथा, जो मनुष्य के भीतर छिपी अनेकों
भावनाओं को उजागर करती है। क्या गौहरजान, शकुंतला पर काबू पा
सकती है? क्या शकुंतला अपने भोलेपन को गौहरजान के चंगुल से बचा
पाएगी? क्या मासूम सी शकुंतला खुद को बम्बई के देहशतों से बचा
सकती है? संघर्ष और कठिनायों से जूझने वाली स्त्री एवं कलाकार के
जीवन पर आधारित एक मार्मिक कथा।"
Reader Reviews (1)
Share Your Thoughts
Your personal identity metrics remain protected inside our system parameters.