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Tadap Ek Ladki Ki
405.00
| SKU Code | Book230935C |
| ISBN | 9789364261524 |
| Pages | 258 |
| Language | Hindi |
| Genre | Novel |
| Book Size | 5*8 |
Synopsis
तड़प एक लड़की’ एक रहस्यमय उपन्यास है, जो रोमांच से भरा हुआ और प्रेम-रस से प्लावित एक अद्भुत कृति है। केनरा बैंक के राजपीपला शाखा में एक बैंक डकैती होती है, जिसमें डकैतों द्वारा सौ करोड़ रुपए और राजपीपला घराने के मूल्यवान पारंपरिक अलंकार-आभूषण लूट लिए जाते हैं। इस डकैती ने सरकार और पुलिस दोनों को हिला कर रख दिया। पुलिस की कई टीमों के अथक प्रयास के बाद भी न तो डकैतों को पकड़ा जा सका और नहीं लूटे गए रूपयों और आभूषणों को प्राप्त किया जा सका, लेकिन पुलिस के अधिक दबाव के कारण डकैतों ने भी उन रूपयों और गहनों को आपस में बंटवारा नहीं कर पाए।
पकड़ा जाने के भय से उन लोगों ने उस धन को एक ऐसे गुप्त स्थान पर छुपा दिया, जहां से एक बार निकल जाने के बाद, वहां पहुंचना बहुत अधिक कठिन था और जिस गुप्त स्थान पर उसे छुपाया गया, उस स्थान का भी पता लगाना संभव नहीं था। अतः उन लोगों ने उसे एक कविता-कूट के द्वारा उसे संरक्षित कर दिया और उस कूट को एक दूसरे को बता दिया गया, ताकि भविष्य में समय पड़ने पर उस गुप्त स्थान तक पहुंचा जा सके। लेकिन इसी बीच एक दूसरी डकैती में डकैतों के तीन सदस्यों को पकड़ लिया जाता है और उन्हें आजीवन कारावास हो जाता है। बाकी बचे दो सदस्य भय के कारण गुजरात राज्य छोड़ देते हैं और अन्य अपराधिक क्षेत्रों में अपना पैर जमा लेते हैं।
समय बीतने के साथ उनके मस्तिष्क से वह कूट भी विस्मृत हो जाता है।
बीस वर्षों के बाद उनके तीन सदस्य जब कारा से छूटकर आते हैं, तब उस गुप्त धन को प्राप्त करने के लिए फिर शुरू होता एक संघर्ष और इसी बीच चलती है वंदना और आर्यन की प्रेम कहानी।
पकड़ा जाने के भय से उन लोगों ने उस धन को एक ऐसे गुप्त स्थान पर छुपा दिया, जहां से एक बार निकल जाने के बाद, वहां पहुंचना बहुत अधिक कठिन था और जिस गुप्त स्थान पर उसे छुपाया गया, उस स्थान का भी पता लगाना संभव नहीं था। अतः उन लोगों ने उसे एक कविता-कूट के द्वारा उसे संरक्षित कर दिया और उस कूट को एक दूसरे को बता दिया गया, ताकि भविष्य में समय पड़ने पर उस गुप्त स्थान तक पहुंचा जा सके। लेकिन इसी बीच एक दूसरी डकैती में डकैतों के तीन सदस्यों को पकड़ लिया जाता है और उन्हें आजीवन कारावास हो जाता है। बाकी बचे दो सदस्य भय के कारण गुजरात राज्य छोड़ देते हैं और अन्य अपराधिक क्षेत्रों में अपना पैर जमा लेते हैं।
समय बीतने के साथ उनके मस्तिष्क से वह कूट भी विस्मृत हो जाता है।
बीस वर्षों के बाद उनके तीन सदस्य जब कारा से छूटकर आते हैं, तब उस गुप्त धन को प्राप्त करने के लिए फिर शुरू होता एक संघर्ष और इसी बीच चलती है वंदना और आर्यन की प्रेम कहानी।
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