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Shrimadbhagwadgeeta Sankshep
249.00
| SKU Code | Book2302292C |
| ISBN | 9788167450715 |
| Pages | 142 |
| Language | Hindi |
| Genre | Spirituality |
| Book Type | Paperback |
| Book Size | 5*8 |
| Published Date | 18 September, 2026 |
Synopsis
"श्रीमद्भगवद्वीता सक्षेप केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला सरल मार्गदर्शक है। इस पुस्तक का उद्देश्य गीता के दिव्य संदेश को सरल, सहज और शुद्ध हिंदी में प्रत्येक पाठक तक पहुँचाना है।
आज का मनुष्य तनाव, मोह, भय, क्रोध, असफलता और मानसिक अशांति से जूझ रहा है। ऐसे समय में श्रीमद्भगवद्गीता हमे धैर्य, विवेक, निष्काम कर्म, भक्ति और आत्मज्ञान का मार्ग दिखाती है।
इस पुस्तक में गीता के सभी 18 अध्यायों का संक्षिप्त एवं सारगर्मित वर्णन, चयनित श्लोकों के सरल अर्थ, मावार्थ तथा दैनिक जीवन में उनके व्यावहारिक प्रयोग को सहज भाषा में प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक विद्यार्थियों, गृहस्थों, कर्मयोगियों, साधकों तथा प्रत्येक जिज्ञासु पाठक के लिए समान रूप से उपयोगी है।
यदि इस पुस्तक को श्रद्धा, मनन और आत्मचितन के साथ पढ़ा जाए, तो यह केवल ज्ञान ही नहीं देती, बल्कि जीवन को सकारात्मक, संतुलित और आध्यात्मिक दिशा भी प्रदान करती है।
गीता केवल पढ़ने का ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन में उतारने का मार्ग है।"
आज का मनुष्य तनाव, मोह, भय, क्रोध, असफलता और मानसिक अशांति से जूझ रहा है। ऐसे समय में श्रीमद्भगवद्गीता हमे धैर्य, विवेक, निष्काम कर्म, भक्ति और आत्मज्ञान का मार्ग दिखाती है।
इस पुस्तक में गीता के सभी 18 अध्यायों का संक्षिप्त एवं सारगर्मित वर्णन, चयनित श्लोकों के सरल अर्थ, मावार्थ तथा दैनिक जीवन में उनके व्यावहारिक प्रयोग को सहज भाषा में प्रस्तुत किया गया है। यह पुस्तक विद्यार्थियों, गृहस्थों, कर्मयोगियों, साधकों तथा प्रत्येक जिज्ञासु पाठक के लिए समान रूप से उपयोगी है।
यदि इस पुस्तक को श्रद्धा, मनन और आत्मचितन के साथ पढ़ा जाए, तो यह केवल ज्ञान ही नहीं देती, बल्कि जीवन को सकारात्मक, संतुलित और आध्यात्मिक दिशा भी प्रदान करती है।
गीता केवल पढ़ने का ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन में उतारने का मार्ग है।"
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