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Medhansh Available

Medhansh

By Shalini Sinha

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365.00
SKU Code Book230487C
ISBN 9789364260220
Pages 168
Language Hindi
Genre Academic
Book Type Paperback
Book Size 6*9
Published Date 21 July, 2025

Synopsis

शालिनी सिन्हा एक युवा लेखिका एवं कवयित्री है , जो मूलतः बिहार के सीवान जिले से हैं। पेशे से पत्रकार, मुक्त लेखिका, अनुसंधान सहायिका,विजिटिंग लेक्चरर के रूप में अपनी सेवाएं देती रहीं है। इन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री और बीएड का कोर्स किया है। बतौर सह-संपादक, उप-संपादक तथा संपादक सहित दर्जन भर प्रतिष्ठित अखबारों ,वेबपोर्टलों, मैगज़ीनों एवं न्यूज़ चैनल्स में सेवाएं देती रही है । समसामयिक तथा फीचर लेखन में इन्होंने विशेषज्ञता हासिल की है । इसके अलावा ये अन्य विविध प्रकार के लेखन जैसे कविता लेखन,निबंध लेखन, व्यंग्य लेखन, विज्ञान लेखन में भी काफी सक्रिय हैं। इनकी हाल ही में एक नवीन कविता संग्रह " मकीशा" प्रकाशित हुई है। जो लोगों के द्वारा खूब पसंद की जा रही है । इनके द्वारा लिखित स्त्री-विमर्श, तात्कालिक गतिविधियों पर लेख, वैज्ञानिक लेख, व्यंग्य और कविताएँ देश के नामी अखबारों और मैग्जीनों में सदैव प्रकाशित होती रहती है। अब तक हजारों समाचारों, लेखों, फीचरों एवं संपादकीय को लिखने का अनुभव बटोर चुकी है । केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ में मीडिया रिसर्च एसोसिएट पद पर कार्य करने के साथ ही इनके पास दर्जन भर संस्थानों में कार्य करने का अनुभवों है ,जिसका यहां छोटी सी जगह में उल्लेख कर पाना संभव नहीं है । ये विविध सेमिनारों , गोष्ठियों एवं सम्मेलनों में ना सिर्फ शामिल होती रही है बल्कि इसके संचालन में भी आगे रही है । इन्होंने कई सारे किसान उपयोगी समाचारों और लेखों को लिखा है। जिससे किसानों को नयी तकनीक व् खेती के वैज्ञानिक पद्धति की जानकारी हासिल हो सके। इसके लिए यह देश की विभिन्न प्रतिष्ठित कृषि एवं वैज्ञानिक संस्थाओं से जुडी हुई है । कृषि सम्बंधित लेख लिखने के साथ ,हरित वातावरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे गंभीर मुद्दों को देश भर के कृषि जनरल, अखबारों,पत्र पत्रिकाओं तथा न्यूज चैनल्स में उठती रही है। उभरती हुई युवा लेखिका के रूप में इन्होंने हिंदी में विज्ञान लेखन ,स्त्री विमर्श लेखन और फीचर लेखन को एक नया आयाम दिया है। यह विज्ञान लेखिका या किसान लेखिका के रूप में अपनी पहचान कायम कर चुकी है। हिंदी में तकरीबन १५ सालों के लेखन के अनुभवों को वह अब छात्रों को बांट रही है और लेखन कौशल की कक्षाएं भी देती है । शालिनी सिन्हा पूर्व-रिसर्च एसोसिएट केन्द्रिय उपोष्ण बागवानी संस्थान, लखनऊ गेस्ट फैकल्टी  एज़ाज़ रिज़्वी कॉलेज ऑफ जॉर्नलिज्म  एवं मुक्त लेखिका

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