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Jeevan Ki Disha
By Amit ji, Prachi ji, Vinay ji, Bimalesh ji (Jagat Premi Raja Ji)
299.00
| SKU Code | Book2302611C |
| ISBN | 9788167453204 |
| Pages | 186 |
| Language | Hindi |
| Genre | Philosophy |
| Book Type | Paperback |
| Book Size | 5*8 |
| Published Date | 04 November, 2026 |
Synopsis
"प्रस्तुत पुस्तक की विशेषता यह है कि जीवन निर्धारित करने वाले अध्यायों पर चार दोस्त, जिनका परिवेश एक-दूसरे से पूरी तरह भिन्न है, लेकिन चारों एक केंद्र से संचालित हैं—आत्मज्ञान।
चारों ने मिलकर प्रस्तुत पुस्तक में जो खूबसूरती पिरोई है, वह अमूल्य है। बातें थोड़ी भिन्न हैं, लेकिन मर्म एक है। अंतिम में सभी का मिलाप एक जगह हो रहा है। मानो कई धाराएँ बहकर एक संगम बना रही हैं।
यह पुस्तक केवल अध्यायों तक सीमित नहीं, बल्कि लेखकों द्वारा रचित कविताएँ पुस्तक में चार चाँद लगा देती हैं।
पुस्तक मानव की मूल वृत्ति को बदलने के लिए समर्पित है। अगर पेड़ एक समस्या है, तो हमारा उद्देश्य केवल पत्तियाँ तोड़ना नहीं है। हम जड़ से समाधान चाहते हैं।
प्रस्तुत पुस्तक जमीनी संघर्ष के ताप में लिखी गई है।"
चारों ने मिलकर प्रस्तुत पुस्तक में जो खूबसूरती पिरोई है, वह अमूल्य है। बातें थोड़ी भिन्न हैं, लेकिन मर्म एक है। अंतिम में सभी का मिलाप एक जगह हो रहा है। मानो कई धाराएँ बहकर एक संगम बना रही हैं।
यह पुस्तक केवल अध्यायों तक सीमित नहीं, बल्कि लेखकों द्वारा रचित कविताएँ पुस्तक में चार चाँद लगा देती हैं।
पुस्तक मानव की मूल वृत्ति को बदलने के लिए समर्पित है। अगर पेड़ एक समस्या है, तो हमारा उद्देश्य केवल पत्तियाँ तोड़ना नहीं है। हम जड़ से समाधान चाहते हैं।
प्रस्तुत पुस्तक जमीनी संघर्ष के ताप में लिखी गई है।"
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