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BHRAMBHANG
By Uday Timande
299.00
| SKU Code | Book2302206C |
| ISBN | 9789374244494 |
| Pages | 160 |
| Language | Hindi |
| Genre | Self-Help |
| Book Type | Paperback |
| Book Size | 5*8 |
| Published Date | 02 September, 2026 |
Synopsis
"हम सब अपनी जिंदगी कुछ मान्यताओं के
आधार पर जीते हैं।
कुछ बातें हमें बचपन से सिखाई जाती हैं,
कुछ समाज से मिलती हैं,
और कुछ हम बिना सोचे-समझे सच मान लेते हैं।
धीरे-धीरे ये मान्यताएँ हमारे निर्णयों, रिश्तों,
सपनों और पूरे जीवन को प्रभावित करने लगती हैं।
लेकिन क्या हर वह बात सच होती है जिस पर
हम विश्वास करते हैं ?
क्या सफलता, पैसा, दूसरों की स्वीकृति या
तथाकथित ""परफेक्ट जीवन"" वास्तव में वह संतोष
दे पाते हैं जिसकी हम तलाश करते हैं ?
'भ्रमभंग' उन अदृश्य धारणाओं और मानसिक जालों
की परतें खोलने का एक प्रयास है, जो अक्सर हमें
वास्तविकता से दूर ले जाते हैं।
यह पुस्तक आपको क्या सोचना है, यह नहीं बताती...
बल्कि आपको स्वयं सोचने, प्रश्न पूछने और अपनी
मान्यताओं को परखने के लिए प्रेरित करती है।
यदि आप जीवन को उधार के विचारों से नहीं, बल्कि
अपनी जागरूक समझ से जीना चाहते हैं...
तो यह पुस्तक आपके लिए है।"
आधार पर जीते हैं।
कुछ बातें हमें बचपन से सिखाई जाती हैं,
कुछ समाज से मिलती हैं,
और कुछ हम बिना सोचे-समझे सच मान लेते हैं।
धीरे-धीरे ये मान्यताएँ हमारे निर्णयों, रिश्तों,
सपनों और पूरे जीवन को प्रभावित करने लगती हैं।
लेकिन क्या हर वह बात सच होती है जिस पर
हम विश्वास करते हैं ?
क्या सफलता, पैसा, दूसरों की स्वीकृति या
तथाकथित ""परफेक्ट जीवन"" वास्तव में वह संतोष
दे पाते हैं जिसकी हम तलाश करते हैं ?
'भ्रमभंग' उन अदृश्य धारणाओं और मानसिक जालों
की परतें खोलने का एक प्रयास है, जो अक्सर हमें
वास्तविकता से दूर ले जाते हैं।
यह पुस्तक आपको क्या सोचना है, यह नहीं बताती...
बल्कि आपको स्वयं सोचने, प्रश्न पूछने और अपनी
मान्यताओं को परखने के लिए प्रेरित करती है।
यदि आप जीवन को उधार के विचारों से नहीं, बल्कि
अपनी जागरूक समझ से जीना चाहते हैं...
तो यह पुस्तक आपके लिए है।"
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