Featured Profile
Vivek Raj
एक सामान्य मध्यमवर्गीय परिवेश से निकलकर सिविल सेवा (UPSC) की तैयारी तक का सफ़र मेरे लिए केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि आत्म-मंथन की यात्रा साबित हुआ। वहाँ मिली असफलता ने मुझे तोड़ा ज़रूर, पर जीवन को गहराई से समझने की नई दृष्टि भी दी। मैंने मोती बनने के बजाय रिश्तों और समाज को पिरोने वाला धागा बनना चुना।
'Helping India Feeding India' के ज़रिए ज़मीनी सेवा और अलग-अलग शहरों में लोगों के संघर्षों को नज़दीक से देखने के बाद यह अहसास हुआ कि परिस्थितियाँ चाहे जैसी हों, हमारी प्रतिक्रिया सब कुछ बदल सकती है। यह किताब तीस वर्षों के उन्हीं अनुभवों, सीखों और टूटकर फिर उठ खड़े होने की यात्रा का एक ईमानदार साझा प्रयास है।
Debut Work: "हर मौसम वापस नहीं आता कुछ मौसम जीने के लिए ,कुछ सीखने के लिए ।"