Dr. Amit Kumar
लेखक परिचय
डॉ० अमित कुमार, बिहार राज्य अंतर्गत बांका जिले के एक छोटे से गांव झाझा में एक मध्यम प्रगतिशील परिवार में पले बढ़े। इनका छोटा सा गांव सामाजिक समानता का प्रतीक है, जिसका गहरा प्रभाव इनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर पड़ा है। इनका जीवन शिक्षा, समाज और साहित्य तीनों के संगम का प्रतीक है। इन्होंने एक सक्रिय सलाहकार के रूप में निरंतर कार्य करते हुए न केवल वर्त्तमान समय के विद्यार्थियों के जीवन को दिशा दी बल्कि शोधार्थियों के साथ-साथ समाज में जागरूकता, नैतिकता और मानवीय मूल्यों के प्रचार-प्रसार का कार्य किया। इन्होनें ति० माँ० भा० वि०, भागलपुर से राजनीति विज्ञान में स्नात्तक एवं स्नातकोत्तर की परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास किया। यहीं से इन्होंने डॉ० सुधीर कुमार सिंह, प्राचार्य, पंडित बालीराम शर्मा, महाविधालय, बांका के कुशल व अमूल्य मार्गदर्शन में अपना शोधकार्य पूर्ण कर पी-एच० डी० की उपाधि प्राप्त किया। ये भारतीय राजनीति विज्ञान परिषद के आजीवन सदस्य होने के नाते एक अच्छे स्वाध्यायी पाठक एवं स्वतंत्र लेखक के रूप में जाने जाते हैं। इन्होनें सैकड़ों राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर के सेमिनार, वेबिनार एवं सम्मेलनों में भाग लेकर अपना आलेख प्रस्तुत कर चुकें हैं। लगभग दो दर्जनों से अधिक जर्नलों में इनका आलेख प्रस्तुत हो चुका हैं। ये राष्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय स्तर के जर्नलों में सहयोगी संपादक के रूप में कार्य कर रहे है। वहीं इनके द्वारा लिखी गई पुस्तकें विधार्थी एवं शोधार्थी के लिए उपयोगी बनी हुई है। प्रस्तुत पुस्तक “ग्रामीण महिलाओं पर स्वयं सहायता समूहों का प्रभाव“ अनुसंधान करने वाले शोधार्थी के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इनकी लेखनी में समाज की सच्चाईयों, महिला संघर्षो और आत्मबोध की गहराई झलकती है।